Introduction

Apj abdul kalam ka introduction or unki kuchh khass batein

दोस्तों कैसे हो उम्मीद करता हूँ आप ठीक होंगे दोस्तों दीवाली के बाद में इस आर्टिकल को लिखने जा रहा हूँ उम्मीद करता हूँ  आपको दीवाली पर मेरा आर्टिकल पसंद आया होगा !और उम्मीद करता हूँ आज में एपीजे अब्दुल कलाम के बारें में लिखने जा रहा हूँ ये भी आपको पसंद आयेगा ! श्री  एपीजे अब्दुल कलाम वह व्यक्ति जिनका जब भी नाम आता है तो हमारा सीना फकर से चौड़ा हो जाता है !आज हम आपको एपीजे अब्दुल कलाम जी के बारे  में पूर्णता से बताऊंगा की उन्होंने कैसे अपना सफर कामयाबी के तरफ तय किया तो पूरी जानकारी के लिए पड़ते रहिये !और इससे रिलेटिव जानकारी के लिए पढ़ते रहिये हमारी वेबसाइट Www.onlinehindiknowledge.com पर

 एपीजे अब्दुल कलाम का जीवन परिचय 

एपीजे अब्दुल कलाम का पूरा नाम अबुल पाकिर जैनुलआब्दीन  अब्दुल कलाम है ये भारत के 11वे  राष्ट्रपति बने थे!इनको मिशाल मैन के नाम से भी जाना जाता है क्यूँकि इन्होने ही पहली मिशाल बनाई इसलिए इन्हे मिशाल मैन के नाम से भी जाना जाता है इन्होंने कई वैज्ञानिक कार्य किये और देश को अग्नि ,पृथ्वी और अन्य ऐसी  मिसाइल दी !एपीजे अब्दुल कलाम भारत के राष्ट्पति भी रहे !ये भारत के ग्यारवे राष्ट्रपति थे!इनकी  समय अवधि 2002 से 2007 तक खूब जोरो शोर का रहा !ये बहुत ही गरीब परिवार से थे !इनका जन्म 15 अक्टूबर 1931 में ब्रिटिश भारत में  एक बहुत गरीब परिवार में हुआ था !यही एक तमेलियन मुस्लिम थे !इन्होने बचपन में कई मुश्किल कठनाईयो का  सामना किया !इनके पिता जैनुलआब्दीन  न तो अधिक पढ़े  लिखे थे ऑर्डर नहीं अधिक पैसे बाले थे !ये  गरीब घर से सम्बन्ध रखते थे ! ये पांच बहन भाई थे ! इनके  पिता जैनुलआब्दीन मछुआरों को नाव किराये पर दिया करते थे जिससे उनका घर का खर्चा चलता था इससे ही उनकी पढ़ाई आगे चली !

बचपन में ही लगभग 8 बर्ष की उम्र से ही अब्दुल कलाम को पढ़ाई के प्रति बहुत लगाब था वह सुबह  4 बजे जल्दी उठकर नाहा धोकर गणित की पढ़ाई करने चले जाते थे !सुबह नहाकर जाने के पीछे यह राज था की उनके टीचर सुबह रोज नहाकर आने वाले 5 बच्चो मुफ्त  में टयूशन पढ़ाते थे टयूसन पढ़ने के बाद वह नमाज़ पड़ने जाते थे !और उसके बाद वह रामेश्वर स्टेशन ओर बस अड्डों पर न्यूज़ पेपर बेचते थे !अब्दुल कलाम ने बताया की एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी में आने के पीछे एक बजह थी जब में 5 वी क्लास में था तो मेरे टीचर सुब्रमण्यम अय्यर ने क्लास में पूछा की चिड़िया कैसे उड़ती है तो पूरे क्लास ने इस सबाल का उत्तर नहीं दिया जिससे उनके टीचर बड़े परेशान हुए और अगले दिन उनको समुन्द्र के किनारे ले गए !जहाँ कुछ पंछी उतर रहे और कुछ चढ़ रहे थे !उन्होंने पक्षियों के उड़ने और उनकी वनावट के बारे में खूब विस्तार से समझाया उनकी  ये बात मेरे अंदर इस कदर बैठ गयी की और मैंने सोंच लिया की में उड़ान की दिशा में ही अपना करिअर बनाऊंगा !और मैंने बाद में पीसीएम से पढ़ाई की जिसमे फिजिक्स को अपना आधार मानकर पढ़ाई की और बाद में मद्रास के इंजीनियरिंग कॉलेजम में  एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में पढ़ाई कीऔर 1962  में अब्दुल कलाम इसरो गए और इसरो में इनके डायरेक्टर रहते समय भारत ने अपना स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान SLW 3 बनाया !और स्वदेशी मिसाइल को disign किया और अग्नि मिसाइल ,पृथ्वी मिसाइल ,बनाई

रक्षामंत्री एपीजे अब्दुल कलाम को 1992 से 1999 तक रक्षामंत्री भी बनाया गया ये समय वाजपेयी सरकार का था इस सरकार में दूसरी बार न्यूक्लियर का टेस्ट किया गया था और भारत परमाणु बनाने वाले देश में शामिल हो गया

डेप्लॉप्मेंट लेबोरेट्री एपीजे अब्दुल कलाम को सत्र 1982 में डिफेन्स रिसर्च डेप्लॉप्मेंट लेबोरेट्री का डायरेक्टर गया !इसी दौरान अन्ना युनिवर्सिटी ने उन्हें डॉक्टर की उपाधि से नबाजा

और 1981में भारत सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ,पदभूसण और फिर 1990 पधम विभूषण और 1997 में भारत रत्न से नबाजा गया एपीजे अब्दुल कलाम भारत रत्न पाने वाले तीसरे राष्ट्रपति हैं इनसे पहले भारत रत्न सर्वपल्ली राधाकृष्णन और जाकिर हुसैन को मिला !

मृत्यु  एपीजेअब्दुल को 27  जुलाई 2015 को भारतीय प्रबंधन संस्थान शिलोंग में किसी लेक्चर के दौरान उन्हें जोरदार दिल का दौरा हुआ और ये बेहोश होकर गिर गये !इन्हे लगभग 7  बजे गंभीर हालत में बेथानी अस्पताल में आईसीयू में लाया गया और 2 घंटे के बाद उनकी मौत हो गयी!अस्पताल के seo जॉनः ने  बताया की जब कलाम को अस्पताल लाया गया तब उनकी नब्ज और ब्लड प्प्रेशर साथ छोड़ चुके थे !एपीजे अब्दुल कलाम अक्टूबर 2015  में 84 साल के हो गए थे !

अंतिम संस्कार मृत्यु के तुरना अब्दुल  कलाम के शरीर को हेलीकॉप्टर से शिलांग से गुहाटी लाया गया !फिर अगले दिन उनको दिल्ली लाया गया!वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ,राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल व सेनाओ  के प्रमुखों ने कलाम के तिरंगे में लिपटे  पार्थिक शरीर को दो गज जमीन में अर्पित किया !यहाँ पूर्व प्रधानमंत्री  मनमोहन सिंह ,सोनिया गाँधी,राहुल गाँधी और उत्तरप्रदेश के मुख्य मंत्री अखलेश यादव भी रहे !कब्र में दफ़न के दौरान मुख्यमंत्रियो के दौरान 3,50,000 से अधिक लोगो ने अंतिम संस्कार में भाग लिया  !

अब्दुल कलाम के निधन पर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ,उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ,गृह मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य नेताओ ने पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर शोक व्यक्त किया !और बाहर से आये तमाम लोगो जैसे बांग्लादेश से खालिदा जिया ,अफगानिस्तान से राष्ट्रपति असरफ गनी ,नेपाल प्रधानमंत्री सुशील कोइराला ,पकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन और पकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ आदि ने अब्दुल कलाम के निधन पर शोक जताया !

दोस्तों कैसा लगा मेरा आर्टिकल में आशा करता हूँ आपको पसंद आएगा और पसंद आये तो इसे अपने दोस्तों को भी भेजे जिस वो भी इसे पद सके और कैसा लगा आपको हमें कमेंट करके जरूर बताये और ऐसी ही जानकारी के लिए जुड़े रहिये हमारी वेबसाइट www.onlinehindiknowledge.com पर

 

 

 

 

 

 

About the author

Tahirmalik786

6 Comments

Leave a Comment