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15 Agust ko Independence day Kyu Manate hain (Full Knowledge)

15 Agust ko Independence day Kyu Manate hain जैसा की दोस्तों आप सभी जानते होंगे की 15 अगस्त को  स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जता है  ! क्यूंकि 15 अगस्त को हमारा देश  अंग्रेजो  से आज़ाद हुआ था ! आज 1 5  अगस्त को हमारा देश  72 व्  स्वतंत्रता  दिवस मानाने जा रहा है  हमारे देश को आज़ाद कराने में महात्मा  गाँधी , सुभाष  चंद्र बॉस ,भगत  सिंह ,सुखदेव ,राजगुरु और भी कई वीरो ने अपनी जान पर खेल कर देश को आज़ाद किया इतिहास करो के अनुसार सबसे पहले आज़ादी की लड़ाई टीपू सुलतान ने लड़ी थी  इन वीरो की बजह से आज हम चैन की सांस  ले रहे हैं अगर ये क्रन्तिकारी आज न होते तो आज सायद हम अंग्रेजो  चंगुल से आज़ाद नहीं होते  और उनकी गुलामी कर रहे होते ,उनकी जिल्लत झेल रहे होते  परन्तु अंग्रेजो से छुटकारा पाने के बाद भी हमें आज लगता है की आज भी हम आज़ादी का मतलब नहीं जान पाए   आज भी हमारे देश में असुरक्षा बानी पड़ी है  बच्चियों का रेप ,बदमाशी। लूटपाट और भिरष्टाचार से आज भी हमारा देश आज़ाद नहीं हुआ है  
                                                                              

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हर साल 15 अगस्त के दिन हम सुतंत्रता दिवस मानते हैं  लेकिन कभी ये सोचा है की इस दिन में क्या खास बात थी   जिसमे हमें 15 अगस्त 1947 को रत 12 बजे ही सुतंत्रता मिली 


15 अगस्त 1947 में  हमें कैसे मिली सुतंत्रता आईये जाने   गांधी जी के आंदोलन से देश की जनता आज़दी के लिए जागरूक हो गयी बही दूसरी और सुभाष चंद्र बॉस की आज़ाद हिन्द फ़ौज ने अंग्रेजी शासक के नाक में डैम कर रखा था 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध के  ख़त्म होने के दौरान अंग्रेजो  की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गयी  थी और भारतीय  अंग्रेजो की हुकूमत को पूरी तरह से ख़त्म करने में लग गए थे  जिसके चलते अंग्रजो को लगने लगा था की उनका राज नहीं बचेगा  इसी डर से कुछ ब्रिटिश अधिकारी बापस अपने देश भाग चुके थे  और विश्व युद्ध के दौरान उनके पास सैनिक बहुत कम हो गए थे उनमे अब शासन करने की हिम्मत नहीं थी की भारत जैसे विशाल देश  पर और हुकूमत कर पाते 

 

 


अंग्रेजी शासक लुईस द्वारा भारत आज़ाद करने की तारीख   अंग्रेजो को इस बात का अहसास हो चूका था की अब भारत पर हम और राज नहीं कर सकते   इसी दौरान देश में हिन्दू मुस्लिम के बीच लड़ाइयां  सुरु हो गयी  जिस कारण देश में बटबारे की चर्चाएं सुरु हो गयी  अंग्रेजो के कम सैनिको की बजह से अंग्रेजो को अपने घुटने टेकने पड़े और भारत को आज़ाद  करने का एलान करना पड़ा  भारत की आज़ादी का फैसला पार्लियामेंट  में लिया गया  ब्रिटिश सरकार ने देश को आज़ाद करने के लिए जून  1948 तक की इजाजत मांगी थी 

 



अंग्रेजो के आला अधिकारी लुईस माउंटबेटन  का भारत आना अंग्रेजो की घटती ताकत को देख और 1948 के फैसले  के दौरान अंग्रेजो के आला अधिकारी को भारत आना पड़ा और लुईस माउंटबेटन को अंग्रेजो के बचे हुए शासनकाल को ख़त्म करने की जिम्मेदारी दी गयी  लुईस माउंटबेटन को भारत तब तक रुकना था जब तक भारत आज़ाद न हो जाये  लुईस माऊण्टबेंटन जब भारत आया था  उस समय हिन्दू मुस्लिम की लड़ाई काफी बाद चुकी थी कई लोग मारे तथा घर से वेघर हो चुके थे और उस समय साड़ी जिम्मे दरी लुईस के सर थी जिससे बहे  दंगो को ख़तम करना चाहता था उसने दंगो को ख़त्म करने के काफी प्रयाश किये पर वह असफल रहा और हिन्दू मुस्लिम की सदभाबना और बाद गयी और लोग एक दूसरे को मारने लगे इन परिस्थितयो को देखकर लुईस और बेकाबू हो गया और उसके कुछ समझ नहीं आ रहा था उसे अपनी भी जान का दर सताने लगा था लुईस ने आनन् फानन में आकर 15 अगस्त 1947 को भारत आज़ाद कर दिया उसने सोचा सायद यह खबर सुनकर लड़ाई बंद हो जाये 

 



15 अगस्त को ही क्यों मनाया जाता है सुतंत्रता दिवस -15 अगस्त को आज़ादी का दिन इसलिए चुना गया था कियुँकि 15 अगस्त को जापान आत्मसमर्पण की दूसरी वर्षगाँठ थी   इसलिए लुईस ने आज़ादी का बिल पार्लियामेंट में रखा जिसे जल्द ही पास कर दिया गया   रात के जिस बख्त आधा भारत सो रहा था उसी समय भारत को आज़ाद घोसित किया गया था और पहली बार पंडित जबहार  लाल  नेहरू ने लाल किले पर तीन रंग का झंडा लहराया था 

 

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Tahirmalik786

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